श्रीमती ललिता प्रसाद, उम्र 22 वर्ष, पत्नी श्री नर्मदा प्रसाद, रिहायिश-गांव अमरपुर, पो.आ. सूवत, तहसील-जिला कोरबा, छत्तीसगढ़, पांचवीं पास बेरोजगार अंशकालिक कृषि श्रमिक थे । एनएसटीएफडीसी से जनरल स्टोर दुकान के लिए सहायता लेने से पूर्व उनकी वार्षिक पारिवारिक आय 14000/-रुपए थी । वर्ष 2005 के अंत में एक दिन उन्हें अपने गांव वालों से एनएसटीएफडीसी एवं उसके कार्यक्रमों के बारे में जानकयारी मिली और अपनी पारिवारिक आय बढ़ाने के उद्देश्य से उन्होंने अपने आवास पर जनरल स्टोर दुकान चलाने के लिए एनएसटीएफडीसी से ऋण लेने का निश्चय किया । वर्ष 2005 में एनएसटीएफडीसी की राज्य एजेंसी के जिला कार्यालय ने ऋण आवेदन में उनकी सहायता की । अप्रैल,2006 में उक्त उद्देश्य के लिए उन्हें 45000/-रुपए का ऋण मंजूर किया गया । तब से वह सफलतापूर्वक दुकान चला रही है तथा प्रतिमाह 2500/-रुपए र्जन कर रही है एवं ऋण का नियमित भुगतान भी कर रही है । एनएसटीएफडीसी की इस सहायता से श्रीमती ललिता प्रसाद की जिंदगी में भारी बदलाव आया उनकी पारिवारिक आय बढ़ने के साथ ही उनके बच्चों ने स्कूल जाना शुरू किया तथा जीवन स्तर में बदलाव के साथ मनोरंजन के लिए घर में टी.वी. तथा मकान की मरम्मत का कार्य भी हुआ । अब वह एक सुरक्षित सुखी जीवन यापन कर रही है ।