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पश्चिम बंगाल राज्य में महिला सशकितका

जनजातीय महिलाओ के लिए विशेष रूप से तैयार कि गई एनएसटीएफडीसी की प्रमूख योजना है । आदिवासी महिला सशकितकारण योजना जो पश्चिम बंगाल की राज्य चैनेलाईजिंग एजेंसियों के माध्यम से व्यापक क्षेत्र बहुउधेशीय समितियों दारा क्रियान्वित की जा रही है । हजारो आदिवासी महिलाओ के जीवन को समृद बनाने तथा उनके परिवारों की आजीविका हेतु अत्यंत उपयोगि सिद्ध हुई है । आदिवासी महिला सशकितकारण योजना के अंतगर्त जनजातीय महिलाओ को आजीविका संबंधी गतिबिधिया चलाने के लिए केवल 4% वाषिक ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है ।

महिला सशक्तिकरण के सभी पहलुओं मे आथिक पहलू निश्चित रूप से सबसे प्रमुख भूमिका निभाता है । जनजातीय समाज मे ऐसा देखा जाता है । कि उनमें लिंग आदि के सामाजिक विवाद अपेक्षाकृत कम ही होते है । जनजातीय समाज की महीलाए परंपरागत तरीकों से अपना गुजस्वसर करती है । यधपि , महिला सशक्तिकरण योजना के माध्यम से महिलाओ को आथिक क्रिया -कलापों एवं पारिवारिक आय में सहयोग देने का सामथ्य बढ़ा ही नहीं अपितु उन्हें एक पहचान भी मिली है । यह सकारात्मक परिवर्तन पश्चिमी बंगाल में एनएसटीएफडीसी की योजनाओं को क्रियान्वित करने वाली दो राज्य चैनेलाईजिंग एजेसियो नामत: पश्चिम बंगाल अनुसूचित जाती अनुसूचित जनजाति वित एवं विकाश सहकारी निगम लिमिटेड एवं लेम्प्स, जो राज्य चैनेलाईजिंग एजेसियो के लिए कार्य करते है के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है । ये जनजातिय लाभान्वित महिलाए लेम्प्स की सदस्य है उल्लेखनिय तथ्य यह है कि एनएसटीएफडीसी से उन्हें अथिक सहयोग प्रदान करने में लेम्प्स उनके लिए गारंटर की भूमिका निभाता है ।

जनजातिय महिलाओं दारा मुख्य रूप से जो अथिक क्रियाकलाप किए जाते है वह मुख्य रूप से उन्ही की आदिवासी जीवन शैली के अनुरूप पंरपरागत ही होते है । इसमे पशु पालन, हाउस डेयरी, बकरी पालन, सूअर पालन, बत्तख, भेड़ पालन अथवा रस्सी कातना, पत्तल बनाने जैसे कार्य सम्मलित है । इस प्रकार किए जा रहे प्रयासो के फलस्बरूप उनके जीवन स्तर में सुधार होने के साथ -साथ उनमें आत्मंविशवास भी जगा है । उनमें से अधिकतर ने लम्प्स दारा संचालित मिनी बैको मै खाते भी खोले है । पासबुक पर नाम तथा फोटो उनके लिए एक अलग पहचान होने के साथ -साथ उनके आत्म सम्मान का भी प्रतिक है । इस योजना से करीब 42000 जनजातीय परिवार लाभान्वित हुए है ।

 
  श्रीमती इरोसीडा बारजरी, मेघालय
  श्रीमती ललिता प्रसाद, छत्तीसगढ़
  श्रीमती मंडा कृष्णा पवार, महाराष्ट्र
  श्रीमती पुष्पा, मध्य प्रदेश
  यशोदा लक्ष्मण मुंडे, महाराष्ट्र
  श्रीमती नैनू देवी टकारिया, राजस्थान
  दुग्ध योजना, गुजरात
  पश्चिम बंगाल राज्य में महिला सशकितका
By: PWT& FD