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स्व सहायता समूहों के लिए लघु ऋण योजना


इस योजना का लक्ष्य केवल वर्तमान में लाभ कमाने वाली स्व सहायता समूहों के माध्यम से पात्र अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए स्व रोजगार उद्यम गतिविधियां चलाने हेतु लघु ऋण उपलब्ध कराना है ।
(i.)  सहायता की प्रमात्राः-

(क) एनएसटीएफडीसी 35000/-रुपए तक प्रति सदस्य एवं अधिकतम 5.00 लाख रुपए तक प्रति स्व सहायता समूहों के लिए ऋण उपलब्ध कराता है । राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियां अपनी मानदंडों के अनुसार लक्ष्य समूह के लिए पात्र सब्सिडी राशि /मार्जिन मनी उपलब्ध कराएगी एवं बाकी राशि एनएसटीएफडीसी द्वारा मियादी ऋण की तरह उपलब्ध कराई जा सकती है
(ख) यदि किसी मामले में राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियां सब्सिडी ऋण एवं मार्जिन मनी उपलब्ध कराने में असमर्थ हों तो एनएसटीएफडीसी जरूरी ऋण का 100% मियादी ऋण की तरह उपलब्ध करा सकती है ।

(ii)  आवृति ऋणः-
          स्व सहायता समूहों को आवृति ऋण दिया जा सकता है । हालांकि एनएसटीएफडीसी योजना के अंतर्गत स्व सहायता समूहों द्वारा राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों से लिया गया पूर्व ऋण राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों को तथा उसके समान ही राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा एनएसटीएफडीसी से लिया गया सम्पूर्ण ऋण लौटाने पर ही राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्व सहायता समूहों को आवृति ऋण दिया जाएगा ।

(iii)   ब्याज दरें:-
(क) एनएसटीएफडीसी द्वारा राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों सेः- एनएसटीएफडीसी राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों से 3% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित करेगा ।
(ख) राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्व सहायता समूहों सेः- राज्य चैनेलाइजिंग स्व सहायता समूहों से 6% वार्षिक की दर से ब्याज प्रभारित करेगी।

(ग) स्व सहायता समूहों द्वारा सदस्यों सेः- संबंधित स्व सहायता समूहों के सदस्यों को अपने सदस्यों से प्रभारित किए जाने वाले ब्याज दर का निर्धारण स्व्यं करना होता है परन्तु वह 15% वार्षिक से अधिक नहीं होना चाहिए ।

(iv)   पुनर्भुगतान अवधिः-
         (क) राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा समूहों के लिएः- राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा पुनर्भुगतान अवधि की सिफारिश गतिविधियों की प्रकृति के आधार पर की जाएगी । हालांकि राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्व सहायता समूहों को वितरित राशि की तिथि से राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्व स्वहायता समूहों को अनुमत्य छह माह की मानक विलम्बन अवधि सहित चार साल की अधिकतम अवधि के अंदर स्व सहायता समूहों द्वारा राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों को पुनर्भुगतान किया जाना चाहिए ।
          (ख) राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा एनएसटीएफडीसी कोः- राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा तिमाही के आधार पर राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों द्वारा स्व सहायता समूहों को अनुमत्य छह माह की मानक विलम्बन अवधि सहित एनएसटीएफडीसी द्वारा राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियों को वितरित राशि की तिथि से 5 वर्षों के अंदर किया जाना चाहिए ।


By: PWT& FD