स्व-सहायता समूह
1) प्रति स्व-सहायता समूह (एसएचजी) 25.00 लाख रुपए तक की इकाई लागत वाली योजना(योजनाओं)/परियोजना(परियोजनाओं) के लिए ।
2) प्रति व्यक्ति निवेश अधिक से अधिक 50000 रुपए प्रति इकाई की शर्त पर योजना/परियोजना की लागत के 90% तक । उपर्युक्त इस शर्त के अधीन है कि चैनेलाइजिंग एजेंसियाँ अपनी योजना के अनुसार आर्थिक सहायता (सब्सिडी)की व्यवस्था/उपलब्ध करें । राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियाँ वित्तीय सहायता को अन्यस्वोतो से यदि कोई हो जुटा सकती हैं ।
3) कार्यपूंजी
योजना/परियोजना के30%तक को परियोजना/योजना की लागत के भाग के रूप में समझा जा सकता है ।
4) संप्रवर्तक का न्यूनतम अंशदान
परियोजना/योजना की लागत के 10% की दर पर ।
5) ब्याज दर
एनएसटीएफडीसी (एनएसटीएफडीसी के अंश पर)5%वार्षिक दर से ब्याज लागाएगा और राज्य चैनेलाइजिंग एजेंसियां स्व-सहायता समूहों से 8% वार्षिक दर से ब्याज लगा सकती हैं।
6) नए/वर्तमान लाभ कमा रहे स्व-सहायता समूह
नए/वर्तमान लाभ कमा रहे स्व-सहायता समूहों को व्यावहारिक इकाई(कार्यों)के लिए एनएसटीएफडीसी द्वारा राज्यचैनलाइजिग एजेंसियों केमाध्यम से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी बशर्ते अनुसूचित जनजाति के व्यक्तियों के लिए आय-सीमा की प्राथमिक शर्त पूरी हो ।
टिप्पणी :- मियादी ऋण योजना के अंतर्गत10.00लाख रुपए की इकाई लागत के लिए अन्य ऋण संबंधी मानदंड स्व-सहायता समूहों के वित्त पोषण के लिए भी लागू होंगे ।